श्री सिद्ध नारायण टेकड़ी, रामटेक (जि. नागपुर, महाराष्ट्र)
श्री सद्गुरु की है समाधी
सुंदर बनी यह टेकड़ी
कीर्ति ध्वजा लहरे सदा
महिमा यहाँ की है बड़ी
देव भक्ति देश भक्ति की दिशा मिलती यहाँ
श्री सिद्ध नारायण टेकड़ी रामटेक
श्री सद्गुरु की है समाधी
सुंदर बनी यह टेकड़ी
कीर्ति ध्वजा लहरे सदा
महिमा यहाँ की है बड़ी
देव भक्ति देश भक्ति की दिशा मिलती यहाँ
श्री सिद्ध नारायण टेकड़ी रामटेक
श्री सद्गुरु नारायण स्वामी महाराज की ५०० वर्ष से अधिक प्राचीन पावन संजीवनी एवं जागृत समाधि। समाधि के भीतर अखंड ज्योति प्रज्वलित रहती है और स्वामी जी शेषस्वरूप में विराजमान हैं।
सद्गुरु का ज्योति स्वरूप दर्शन। इस पावन टेकड़ी पर सच्चे हृदय से की गई प्रत्येक प्रार्थना पूर्ण होती है। सद्गुरु कालों के काल हैं और उनकी कृपा से मूक भी वाचाल हो जाता है।
त्रिगुणात्मक अवधूत भगवान श्री दत्तात्रेय स्वरूप दर्शन। सुर, नर, मुनि, गंधर्व एवं त्रिदेवों द्वारा वंदित जगद्गुरु श्री दत्तात्रेय की असीम कृपा इस पावन तपोभूमि पर सदा बरसती है।
श्री हनुमान जी महाराज, जिन्हें बालयोगी जी बाल्यकाल में 'बड़े भैया' कहकर पुकारते थे। यह वही परम पावन स्थल है जहाँ प्रभु श्रीराम ने अपने पिता राजा दशरथ जी का पिंडदान किया था।
सिद्ध नारायण टेकड़ी पर श्री महालक्ष्मी जी प्रत्यक्ष रूप में विराजमान हैं। भगवान सूर्यनारायण के परम उपासक समर्थ सद्गुरु नारायण स्वामी जी की घोर तपस्या एवं २४ पुरश्चरणों से प्रसन्न होकर भगवती महालक्ष्मी ने यहाँ नित्य वास का पावन वरदान दिया था।
सिद्ध नारायण टेकड़ी पर श्री महालक्ष्मी जी के साथ बुद्धि, समृद्धि और रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश जी प्रत्यक्ष रूप में विराजमान हैं। भक्तों के कष्टों को हरने और सभी शुभ कार्यों को निर्विघ्न संपन्न करने के लिए भगवती महालक्ष्मी के साथ विघ्नहर्ता गणेश जी यहाँ नित्य निवास करते हैं।
अंबाला सरोवर के तट पर अवतरित महायोगी, जिन्होंने खांडवप्रस्थ समान बीहड़ नारायण टेकड़ी को अपनी दिव्य तपस्या एवं सिद्धि से इंद्रप्रस्थ (ज्योति स्वरूप) में रूपांतरित किया।
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज ने १४ वर्ष की अवस्था में अपने गुरु की प्रथम अवतार स्थली पर आकर अखंड तपस्या की एवं सद्गुरु नारायण स्वामी के पुण्यतिथि महोत्सव (२४-२६ दिसंबर) की नींव रखी।
श्री सद्गुरु नारायण स्वामी जी का द्वितीय दिव्य अवतार वरखेड़, महाराष्ट्र में समर्थ सद्गुरु परमहंस आडकुजी महाराज के रूप में हुआ, जिन्होंने आध्यात्मिक जागरण का महायज्ञ चलाया।
५०० वर्ष पूर्व राजस्व अधिकारी नारायण करपात्रिकर ने सूर्य गायत्री के २४ पुरश्चरण किए। माता महालक्ष्मी ने साक्षात् प्रकट होकर इस टेकड़ी पर सदा निवास करने का वरदान दिया।
श्री दत्तगुरु बालयोगी छोटू बाबा की परम शिष्या, जिन्होंने बालयोगी जी के पावन वचनों और आदेशों को श्रद्धापूर्वक संजोया एवं टेकड़ी की दिव्यता को अक्षुण्ण रखा।
श्री दरबार में नित्य होने वाली पावन आरतियां, अभिषेक एवं वार्षिक महामहोत्सव का विवरण।
घर बैठे श्री दरबार के पावन नाम जप एवं वीडियो दर्शन का लाभ उठाएं।
ॐ नमो नारायणाय महामंत्र जप
श्री सिद्ध नारायण टेकड़ी रामटेक
दर्शन, अभिषेक, यात्रा मार्गदर्शन अथवा मंदिर व्यवस्था हेतु पवित्र धाम से सीधे संपर्क करें।
श्री सद्गुरु नारायण स्वामी दरबार, श्री सिद्ध नारायण टेकड़ी, अंबाला लेक (Ambala Lake), रामटेक - ४४११०६, महाराष्ट्र (MH, IN)
गूगल मैप पर दिशा देखें →
दर्शन समय, पूजा संकल्प एवं आवास व्यवस्था हेतु सीधे संपर्क करें:
+91 8208227505
पूजा रसीद प्रेषित करने, साहित्य मंगवाने अथवा तात्कालिक संदेश हेतु:
व्हाट्सएप पर बात करें →
प्रातः काल: 6:00 AM से 12:30 PM
संध्या काल: 4:00 PM से 8:30 PM
गुरुवार अभिषेक: प्रातः 8:00 AM से 9:00 AM
रामटेक रेलवे स्टेशन (३ कि.मी.) अथवा नागपुर जंक्शन (४५ कि.मी.)
नागपुर बस स्टैंड से रामटेक हेतु नियमित बसें एवं ऑटो/टैक्सी उपलब्ध हैं।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नागपुर (लगभग ५० कि.मी.)